गन्ना बेचने से पहले जानें ये जरूरी बातें, वरना खेत में ही रह जाएगी फसल Cane Up

गन्ना बेचने से पहले जानें ये जरूरी बातें, वरना खेत में ही रह जाएगी फसल Cane up

Cane up गन्ना किसानों के लिए गन्ने की पर्ची का मैसेज किसी बोनस से कम नहीं होता। जिस दिन पर्ची का मैसेज आता है, उसी दिन किसान का चेहरा रजनीगंधा के फूल की तरह खिल उठता है। लेकिन सोचिए अगर पर्ची का मैसेज मोबाइल में आए ही न, तो यह खुशी ठंडी चाय की तरह फीकी पड़ जाती है। मेरठ जिले के गन्ना किसानों के लिए यह खबर खासतौर पर काम की है।

गन्ना बेचने से पहले जानें ये जरूरी बातें, वरना खेत में ही रह जाएगी फसल Cane up
गन्ना बेचने से पहले जानें ये जरूरी बातें, वरना खेत में ही रह जाएगी फसल Cane up

मोबाइल रिचार्ज नहीं, तो पर्ची भी नहीं (Cane up)

मेरठ के जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने लोकल-18 से बातचीत में एक ऐसी बात कही है, जो हर गन्ना किसान को ज़रूर सुननी चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी गन्ना किसानों को गन्ने की पर्ची का मैसेज उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। लेकिन अगर आपका मोबाइल नंबर रिचार्ज नहीं है, या मैसेज बॉक्स भरा हुआ है, तो पर्ची का मैसेज आपको नहीं मिलेगा।

पर्ची का मैसेज 72 घंटे के लिए एक्टिव रहता है (Cane up)

अगर आप सोच रहे हैं कि मैसेज तो किसी भी वक्त देख लेंगे, तो यह मत भूलिए कि गन्ने की पर्ची का मैसेज केवल 72 घंटे तक ही एक्टिव रहता है। मतलब, अगर आपने तीन दिन तक मोबाइल में मैसेज नहीं चेक किया, तो आपकी पर्ची एक्सपायर हो जाएगी। फिर आपको नई प्रक्रिया से पर्ची बनवानी पड़ेगी, और यह काम आसान तो बिलकुल नहीं है

मोबाइल रिचार्ज कराना क्यों है जरूरी? (Cane up)

कुछ किसान यह भी सोचते हैं कि मोबाइल बिना रिचार्ज के भी तो चलता है। लेकिन ऐसा नहीं है। जब तक आपका नंबर एक्टिव नहीं होगा, तब तक गन्ने की पर्ची का मैसेज आपको नहीं मिलेगा।

गन्ने की खेप ले जाने में देरी न करें (Cane up)

गन्ने की पर्ची का मैसेज मिलते ही किसान को अपनी फसल मिल तक पहुंचानी होती है। अगर आपने समय पर गन्ना नहीं पहुंचाया, तो आपकी पर्ची निरस्त हो सकती है। इसका मतलब यह है कि आपकी मेहनत बेकार हो जाएगी और आपको फिर से प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी।

गन्ना पर्ची के मैसेज की खासियत (Cane up)

  • गन्ना पर्ची का मैसेज तीन दिन (72 घंटे) तक वैध रहता है।
  • मैसेज में वह तारीख और समय लिखा होता है, जब आपको अपना गन्ना मिल तक पहुंचाना है।
  • पर्ची का मैसेज केवल रजिस्टर्ड नंबर पर ही भेजा जाता है।

इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आपका रजिस्टर्ड नंबर चालू हो और आपके मैसेज बॉक्स में पर्याप्त जगह हो।

क्या करें अगर पर्ची का मैसेज न मिले?

अगर आपको पर्ची का मैसेज नहीं मिलता है, तो घबराएं नहीं। सीधे गन्ना समिति कार्यालय से संपर्क करें। वहां आपको जानकारी मिलेगी कि आपकी पर्ची का स्टेटस क्या है।

गन्ना किसानों के लिए खास सुझाव

  1. मोबाइल में बैलेंस और डेटा रखें
    बिना बैलेंस के न तो कॉल लगेगी और न ही मैसेज आएगा। “गन्ना बेचने से पहले रिचार्ज पक्का करें!”
  2. मैसेज बॉक्स साफ रखें
    पुराने मैसेज डिलीट करें ताकि गन्ना पर्ची का मैसेज मिस न हो।
  3. समय पर गन्ना मिल तक पहुंचाएं
    देरी करने से पर्ची रद्द हो सकती है।
  4. रजिस्टर्ड नंबर बदलने से बचें
    अगर आप नंबर बदलेंगे, तो पर्ची का मैसेज नया नंबर रजिस्टर्ड होने तक नहीं मिलेगा।

गन्ना बेचने की प्रक्रिया को समझें

गन्ने की खेती करना जितना मेहनत का काम है, उतना ही जरूरी है सही समय पर उसे मिल तक पहुंचाना। “गन्ना काटने में मेहनत करें, लेकिन पर्ची के मैसेज को हल्के में न लें

निष्कर्ष

गन्ना किसान अपनी फसल को सही समय पर बेचने के लिए मोबाइल की तकनीक का सही इस्तेमाल करें। मोबाइल का रिचार्ज, मैसेज बॉक्स का खाली होना, और समय पर पर्ची का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखते, तो आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

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